गन्ने की ट्रान्सप्लान्ट (गन्ने की ट्रांसप्लांटिंग) करने से विभिन्न लाभ होते हैं:      Publish Date : 17/02/2026

गन्ने की ट्रान्सप्लान्ट (गन्ने की ट्रांसप्लांटिंग) करने से विभिन्न लाभ होते हैं-

                                                                                           प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

गन्ने की ट्रान्स प्लान्ट  करने से बीज की खपत 60-70% कम होती है, अंकुरण 100% होता है और उपज में 20-25% की बढ़ोतरी होती है। यह विधि कम पानी, कम मेहनत में बेहतर कल्लेऔर शुरुआती रोगों से बचाव के साथ-साथ गन्ने की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करती है। 

गन्ने की ट्रांसप्लांटिंग के मुख्य लाभ:

  • बीज और लागत में बचत: प्रति एकड़ केवल 8-10 क्विंटल बीज की आवश्यकता होती है, जिससे पारंपरिक तरीके की तुलना में काफी बचत होती है।
  • बेहतर अंकुरण: तैयार पौध (seedlings) लगाने से 100% जमाव होता है, जिससे खेत में खाली जगह नहीं रहती।
  • अधिक उत्पादन और गुणवत्ता: कल्ले अधिक निकलते हैं और फसल स्वस्थ रहती है, जिससे प्रति एकड़ 20-25% अधिक उपज मिलती है।
  • समय की बचत: नर्सरी 30-45 दिनों में तैयार हो जाती है, जिससे मुख्य खेत में दूसरी फसल के लिए समय मिल जाता है।
  • रोग और कीटों से सुरक्षा: पहले से स्वस्थ और उपचारित पौध लगाने से मिट्टी जनित रोगों का खतरा कम होता है।
  • अंतरफसल (Intercropping): इस विधि में लाइनों के बीच अधिक जगह (4-5 फीट) होने से सह-फसलों (जैसे आलू, प्याज, लाही) से अतिरिक्त आमदनी प्राप्त की जा सकती है।