
फरवरी माह में गन्ने की फसल में किए जाने वाले कृषि कार्य Publish Date : 04/02/2026
फरवरी माह में गन्ने की फसल में किए जाने वाले कृषि कार्य
प्रोफेसर आर. एस. सेगर एवं अन्य

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मिल में साफ, ताजा और परिपक्व गन्ने की आपूर्ति करें।
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इस माह में पौधे गन्ने की आपूर्ति प्रारम्भ की जा सकती है।
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पेड़ी की फसल अच्छी प्राप्त करेन के लिए गन्ने की कटाई जमीन की सतह से करनी चाहिए।
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गन्ने के ठूंठों पर इथरल का स्प्रे करना चाहिए।
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पेड़ी फसल की सिंचाई करके 25 कि.ग्रा. डी0ए0पी0, 70 कि.ग्रा. यूरिया, 25 कि.ग्रा. एस0ओ0पी0 प्रति एकड़ की दर से डालकर गुड़ाई करनी चाहिए।
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गन्ने की सूखी पत्तियों को दो लाईनों के मध्य समतल रूप से बिछानी चाहिए।
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पेड़ी फसल में रिक्त स्थान होने पर 8-10 किल्ले वाले झुण्ड़ को जड़ सहित उखाड़कर एक-एक रिक्त स्थान पर लगाकर पानी दे देना चाहिए।
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बसंतकालीन गन्ने की बुवाई के लिए खेत की गहरी जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से करनी चाहिए।
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50-75 कुंतल प्रति एकड की दर से गोबर की खाद या प्रेसमड की खाद तथा 25 कुंतल पोटाश का प्रयोग करना चाहिए।
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2 लीटर ट्राइकोडर्मा, अच्छी तरह से सड़ी हुई गोबर की खाद में मिलाने के बाद 3-4 दिन छाया में रखने के उपरांत खेत की अन्तिम जुताई के समय खेत में बिखेर देना चाहिए।
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उन्नतशील गन्ने की प्रजातियों जैसे को0 0238, को0 0118, को0 15023 एवं को0लख0 14201 की बुवाई करें तथा को0पी0के0 5191 की बुवाई कदापि नहीं करनी चाहिए।
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गन्ने के ऊपर वाले आधे भाग को ही बीज के रूप में प्रयोग करना अच्छा रहता है।
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गन्ने के 2-3 आँख वाले स्वस्थ टुकड़े काटकर 100 ग्राम हेक्जास्टाप तथा 100 मि0ली0 इमिडाक्लोप्रिड प्रति एकड के घोल में डुबोकर उसे रातभर रखने के उपरांत ही बुवाई करनी चाहिए।
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गन्ने की बुवाई के समय 50 कि.ग्रा. डी0ए0पी0, 25 कि.ग्रा. यूरिया, 50 कि.गा. एम0ओ0पी0, 10 कि.ग्रा. सल्फोजिंक और 10 कि.ग्रा. सूक्ष्म तत्वों का प्रयोग किया जाना उचित रहता है।
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गन्ने की बुवाई कम से कम 4 फिट की दूरी पर ट्रैनच या रिंगपिट विधि से करनी चाहिए।
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को00188, को0 15023 तथा को0लख0 14201 प्रजातियों का गन्ना साथी कृषकों के बीज के लिए सुरक्षित रखें तथा इसकी आपूर्ति मिल में नहीं करनी चाहिए।
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अतिरिक्त सहायता के लिए चीनी मिल कर्मचारी से सम्पर्क करना उचित रहता है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
