
जनवरी में हो रही वर्षा का गन्ना, गेहूं एवं अन्य फसलों पर प्रभाव Publish Date : 26/01/2026
जनवरी में हो रही वर्षा का गन्ना, गेहूं एवं अन्य फसलों पर प्रभाव
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 रेशु चौधरी
जनवरी के महीने में हो रही वर्षा से गन्ने की फसल में प्रारंभिक वृद्धि में कुछ हद तक लाभ हो सकता है, किंतु जलभराव की स्थिति में पौधों की जड़ें प्रभावित होती हैं। गेहूं में अत्यधिक नमी के कारण जड़ सड़न, पौधों का गिरना (लॉजिंग) तथा दाने भरने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। अन्य रबी फसलों में भी वृद्धि दर धीमी हो जाती है और उपज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
जनवरी में हो रही वर्षा से फसलों पर लगने वाले रोग

लगातार नमी और ठंडे मौसम के कारण फफूंदजनित रोगों का प्रकोप बढ़ जाता है। इस दौरान झुलसा रोग, रतुआ रोग, पाउडरी मिल्ड्यू तथा जड़ सड़न जैसी समस्याएँ अधिक देखने को मिलती हैं। ये रोग पौधों की प्रकाश संश्लेषण क्षमता को कम कर देते हैं, जिससे फसल की वृद्धि और उत्पादन प्रभावित होता है।
जनवरी में हो रही वर्षा के कारण सब्जी तथा फल-फूल की फसलों पर लगने वाले रोग
जनवरी में अधिक वर्षा और नमी के कारण सब्जी एवं फल-फूल की फसलों में अगेती एवं पछेती झुलसा, पत्तियों का धब्बा रोग, फल सड़न तथा फूल झड़ने की समस्या बढ़ जाती है। अधिक नमी परागण प्रक्रिया को भी प्रभावित करती है, जिससे फल और फूलों की संख्या कम हो सकती है। रोगों से बचाव के लिए खेत में जल निकास की उचित व्यवस्था कायम करें, संतुलित पोषण और समय पर रोग नियंत्रण उपाय अपनाना अति आवश्यक हैं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
