जनवरी में कौनसी फसलें और सब्जियां बोई जा सकती हैं एक्सपर्ट कहते हैं-      Publish Date : 14/01/2026

जनवरी में कौनसी फसलें और सब्जियां बोई जा सकती हैं एक्सपर्ट कहते हैं-

                                                                                                                                     प्रोफेसर आर. एस. सेगर एवं डॉ0 शालिनी गुप्ता

भारत में जनवरी का महीना रबी सीजन का महत्वपूर्ण समय होता है। इस समय ठंड का असर कम होने लगता है और मौसम फसलों व सब्जियों की बुवाई के लिए अनुकूल हो जाता है।

भारतीय किसानों के लिए यह महीना न केवल मौसमी सब्जियों की खेती के लिए उपयुक्त है बल्कि कुछ महत्वपूर्ण फसलों की बुवाई और उचित देखभाल के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण समय होता है।

आज हम अपने कृषि वैज्ञानिकों से जानने का प्रयास करेंगे कि जनवरी के महीने में कौन-कौन सी फसलें और सब्जियों की फसले ली जा सकती हैं और उनके लिए आवश्यक तैयारी क्या करनी होती है।

जनवरी के महीने में ली जाने वाली प्रमुख फसलें

1. गेहूं (Wheat)

मौसमः गेहूं की बुवाई रबी मौसम में की जाती है। जनवरी में गेहूं की बुवाई मुख्यतः उन क्षेत्रों में की जाती है जहां ठंड प्रायः कम होती है।

तैयारीः अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी गेहूं की खेती के लिए उपयुक्त होती है। खेत को जोतकर और समतल कर उन्नत किस्म के बीज की बुवाई करनी चाहिए।

देखभालः नियमित सिंचाई करें और खेत को खरपतवार से मुक्त बनाएं रखें।

2. जौ (Barley)

मौसमः जौ भी ठंडे मौसम में उगने वाली फसल है। यह कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती है।

तैयारीः मिट्टी को अच्छी तरह से जोतें और जैविक खाद का प्रयोग करें।

देखभालः जौ के पौधों को समय-समय पर खरपतवार से बचाना बहुत जरूरी होता है।

3. चना (Chickpea)

मौसमः चना की खेती के लिए ठंडा और शुष्क मौसम सबसे उपयुक्त रहता है।

तैयारीः हल्की और दोमट मिट्टी चना की खेती के लिए उत्तम मानी जाती है। बुवाई से पहले जैविक खाद का प्रयोग करें।

देखभालः चने के पौधों को पानी की अधिक आवश्यकता नहीं होती, लेकिन समय-समय पर सिंचाई करते रहना भी जरूरी होता है।

4. सरसों (Mustard)

मौसमः सरसों की खेती ठंड के मौसम में बेहतर तरीके से की जाती है।

तैयारीः बलुई दोमट मिट्टी सरसों की खेती के लिए अच्छी मानी जाती है।

देखभालः पौधों की नियमित निगरानी करें और खरपतवार हटाते रहें।

जनवरी में उगाई जाने वाली सब्जियाँ

1. मटर (Peas)

मौसमः मटर की खेती के लिए ठंडा मौसम सबसे अनुकूल माना जाता है।

तैयारीः बीज बोने से पहले खेत को भलीभांति तैयार करें और जैविक खाद का प्रयाग करें।

देखभालः मटर के पौधों को सप्ताह में एक बार पानी दें और पौधों को सहारा देने के लिए बांस का उपयोग करें।

2. पालक (Spinach)

                                                          

मौसमः पालक ठंड के मौसम में बहुत अच्छी पैदावार देता है।

तैयारीः खेत की अच्छी तरह से जुताई करें और बीज को 2-3 सेंटीमीटर गहराई में बोएं।

देखभालः नियमित सिंचाई करें और खरपतवार हटाते रहें।

3. धनिया (Coriander)

मौसमः धनिया की खेती ठंडे मौसम में अच्छी तरह से होती है।

तैयारीः मिट्टी में नमी का उचित स्तर बनाए रखें और नव्यकोष जैविक खाद का प्रयोग करें।

देखभालः पौधों को सूखा न होने दें और समय-समय पर खरपतवार हटाते रहें।

4. गाजर (Carrot)

मौसमः गाजर की खेती के लिए ठंडे मौसम को आदर्श मौसम माना जाता है।

तैयारीः मिट्टी को गहराई तक जोतें और बीज बोने से पहले उचित नमी को बनाए रखें।

देखभालः पौधों को नियमित रूप से पानी दें और खरपतवार से फसल को बचाएं।

5. मूली (Radish)

मौसमः मूली की फसल ठंड के मौसम में तेजी से बढ़ती है।

तैयारीः बीज की बुवाई करने से पहले खेत को भलीभांति तैयार करें और बीज को 2-3 सेंटीमीटर गहराई में बोएं।

देखभालः मूली के पौधों को समय-समय पर पानी देते रहें।

6. बैंगन (Brinjal)

मौसमः बैंगन की खेती करने के लिए ठंडा मौसम अनुकूल रहता है।

तैयारीः मिट्टी को जैविक खाद से तैयार करें।

देखभालः पौधों को कीटों से बचाने के लिए जैविक कीटनाशकों का प्रयोग करें।

जनवरी में खेती करने के लिए अन्य तैयारियाँ-

मिट्टी की जांचः फसल या सब्जी की बुवाई करने से पूर्व मिट्टी की जांच आवश्यक रूप से करानी चाहिए।

सिंचाई की व्यवस्थाः खेत की सिंचाई करने के लिए पानी की उचित व्यवस्था करें। ज्यादा या कम पानी फसल को नुकसान पहुंचा सकता है।

खरपतवार नियंत्रणः समय-समय पर खरपतवार को हटाते रहें या रसायनों का प्रयोग करें।

फसल सुरक्षाः फसल को कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए जैविक कीटनाशकों का उपयोग करना चाहिए।

जनवरी में खेती करने के लाभ

  • ठंड के कारण कीट और बीमारियां कम होती हैं।
  • फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है।
  • बाजार में मौसमी सब्जियों की अच्छी मांग रहती है।

जनवरी का महीना भारतीय किसानों के लिए खेती करने का सुनहरा अवसर होता है। इस महीने में सही योजना और तैयारी के साथ फसल और सब्जियों की बुवाई करने से न केवल उत्पादन बढ़ता है, बल्कि बाजार में भी इनका अच्छा मूल्य प्राप्त होता है, जिससे किसान का मुनाफा बढ़ता है।

अतः किसान भाई उपरोक्त सुझावों का पालन कर अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना सकते हैं और खेती से अधिक आय अर्जित कर सकते हैं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।