
गेहूं की फसल के लिए महत्वपूर्ण सलाह Publish Date : 27/11/2025
गेहूं की फसल के लिए महत्वपूर्ण सलाह
प्रोफेसर आर. एस.सेंगर एवं अन्य
क्षेत्र:
1. उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्र के लिए (हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली आदि)।
(A) सिंचित क्षेत्र, अगेती बुवाई (Early Sown)
अनुशंसित किस्में:
DBW 370, DBW 371, DBW 372
PBW 872, WH 1270
DBW 303, DBW 187, DBW 332, DBW 3271
सलाह:
बुवाई का समय: 1 नवंबर से 15 नवंबर तक
बीज दर: 40–45 किलोग्राम प्रति एकड़
बीज उपचार: कार्बेन्डाजिम या ट्राइकोडर्मा से करें।
पहली सिंचाई: 20–22 दिन बाद करें।
संतुलित खाद: 50 किलो डीएपी + 25 किलो यूरिया बुवाई के समय।
(B) सिंचित क्षेत्र, समय से बुवाई
अनुशंसित किस्में:
PBW 826, HD 3406, DBW 222, HD 3226, PBW 723, HD 30861, WH 1105, PBW 01
सलाह:
बुवाई समय: 10–25 नवंबर
उपज: 22–26 क्विंटल/एकड़ तक
मिट्टी: मध्यम से भारी दोमट सबसे उपयुक्त।
रोग नियंत्रण: फफूंद के लिए ज़रूरत पड़ने पर प्रोपिकोनाजोल का स्प्रे करें।
(C) सीमित सिंचाई (Limited Irrigation)

अनुशंसित किस्में:
HI 1653, HI 1654, HD 296, HI 1620, HI 16201, HD 3170, HD 3043, HD 3237
सलाह:
केवल 3–4 सिंचाई उपलब्ध क्षेत्रों में उपयुक्त।
बुवाई: 10–20 नवंबर तक करें।
पहली सिंचाई: 20–25 दिन बाद।
उर्वरक प्रबंधन: 1/2 यूरिया बुवाई के समय, बाकी दो सिंचाइयों में।
(D) सिंचित, पछेती बुवाई (Late Sown)
अनुशंसित किस्में:
K 261, PBW 752, DBW 1731
सलाह:
बुवाई: 1 दिसंबर से 15 दिसंबर तक
बीज दर बढ़ाएं (50–55 किग्रा/एकड़)
रोग नियंत्रण और नमी प्रबंधन पर विशेष ध्यान।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
