गेहूं (Wheat) फसल के लिए किसान सलाह — हरियाणा और उत्तर भारत के लिए      Publish Date : 15/11/2025

गेहूं (Wheat) फसल के लिए किसान सलाह — हरियाणा और उत्तर भारत के लिए

                                                                                                                                                             प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 शालिनी गुप्ता

मुख्य बीज वैरायटी और उनकी विशेषताएं

वैरायटी विशेषता उपज क्षमता (क्विं./एकड़) अवधि (दिन) उपयुक्त क्षेत्र

WH-1105 उच्च उत्पादक, रोग प्रतिरोधी, तेज अंकुरण 20–23 145–150 हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी UP HD-2967 झुलसा रोग प्रतिरोधी, मजबूत बालियाँ 22–25 140–145 सर्वाधिक लोकप्रिय HD-3086 सूखा सहनशील, अधिक दाना वजन 20–23 140–145 अगेती बुवाई के लिए उपयुक्त।

WH-2851 सिंचित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त 21–24 140–145 हरियाणा, पंजाब PBW-327 पुराने समय की स्थिर किस्म, स्वादिष्ट रोटी 18–20 145–150 सभी क्षेत्र HD-2733/187 ठंडी सहनशील, पाले से सुरक्षा 18–22 145 अगेती क्षेत्रों के लिए HD-222/303 बलुई दोमट मिट्टी में उपयुक्त 17–20 140–145 पश्चिमी उत्तर प्रदेश WH-1270 रोगों के प्रति प्रतिरोधी, आधुनिक किस्म 22–26 135–140 अगेती बोआई के लिए सर्वोत्तम।

बीज दर (Seed Rate)

  • फसल प्रकार बीज दर (किग्रा/एकड़)।
  • सिंचित (अच्छी नमी) 40–45 किग्रा।
  • असिंचित (सूखी भूमि) 50–55 किग्रा।
  • देर से बुवाई 55–60 किग्रा।

बीज उपचार (Seed Treatment)

उद्देश्य दवा का नाम मात्रा

फफूंदी नियंत्रण कार्बेन्डाजिम (Bavistin) या थायोफेनेट मिथाइल 2.5 ग्राम/किग्रा बीज।

कीट संरक्षण इमिडाक्लोप्रिड 70 WS 5–7 मि.ली./किग्रा बीज।

रोग मुक्त अंकुरण ट्राइकोडर्मा विरिडे जैव उत्पाद 10 ग्राम/किग्रा बीज।

बुवाई का सही समय

बुवाई का प्रकार समय सीमा अनुशंसित वैरायटी-

अगेती बोआई 25 अक्टूबर– 10 नवम्बर HD-2967, HD-3086, WH-1270।

समय पर बोआई 10 नवम्बर – 25 नवम्बर WH-1105, HD-2851, PBW-725।

देर से बोआई 25 नवम्बर – 10 दिसम्बर WH-711, DBW-187, HD-2733।

सिंचाई प्रबंधन

                                                                  

अवस्था

दिन (लगभग)

फसल की अवस्था

पहली सिंचाई

बुवाई के 20–22 दिन बाद समय।

कल्ले निकलने के समय।

दूसरी गाँठ बनते

40–45 दिन

गाँठ बनते समय।

तीसरी

65–70 दिन

बालियाँ निकलते समय।

चौथी

90–95 दिन

फूल आने पर।

पाँचवीं (आवश्यकता अनुसार)

110–115 दिन

दाने भरते समय।

  • देर से बुवाई में पहली सिंचाई 18–20 दिन में देना जरूरी है।

खाद प्रबंधन (प्रति एकड़)

खाद का प्रकार मात्रा देने का समय-

DAP 50 किग्रा बुवाई के समय।

Urea (Nitrogen) 45–50 किग्रा आधा बुवाई पर + आधा पहली सिंचाई पर।

MOP (Potash) 10–15 किग्रा बुवाई के समय।

जिंक सल्फेट 10 किग्रा बुवाई के साथ।

सल्फर (अगर उपलब्ध) 10–12 किग्रा बुवाई के समय मिलाएं।

रोग एवं कीट नियंत्रण

समस्या लक्षण नियंत्रण उपाय

तना झुलसा/पत्ता झुलसा पत्तों पर भूरे धब्बे मैनकोजेब 2.5 ग्राम/ली. पानी में छिड़काव।

गेरुआ रोग पत्तों पर लाल या काले चकत्ते प्रोपिकोनाजोल 1 मि.ली./ली. पानी में छिड़काव।

दीमक/सुंडी अंकुर खा जाती है क्लोरपायरीफॉस 2.5 लि./हेक्टेयर मिट्टी में थ्रिप्स/एफिड्स पत्तियाँ सिकुड़ना, रस चूसना इमिडाक्लोप्रिड 0.3 मि.ली./ली. पानी छिड़कें।

खरपतवार नियंत्रण

दवा मात्रा समय

प्री-इमर्जेंस (बुवाई के 2 दिन बाद) पेंडीमेथालिन 1 लि./एकड़ हल्की सिंचाई के बाद।

पोस्ट-इमर्जेंस (20–25 दिन बाद) क्लोडिनाफॉप या इसोप्रोट्यूरॉन 400–500 ग्राम/एकड़ खरपतवार निकलने पर।

कटाई और उपज

                                                                   

फसल की कटाई तब करें जब बालियाँ पूरी तरह सुनहरी और दाने कठोर हो जाएँ।

औसतन उपज:

सिंचित क्षेत्र: 20–25 क्विंटल/एकड़

असिंचित क्षेत्र: 12–16 क्विंटल/एकड़

मंडी भाव (2025 के अनुसार): ₹2200 – ₹2500 प्रति क्विंटल (वैरायटी व गुणवत्ता अनुसार) ।

अतिरिक्त सुझाव

फसल में निराई-गुड़ाई दो बार करें (25 व 45 दिन पर)।

खेत में पानी का जमाव न होने दें, वरना फफूंदी लग सकती है।

जैविक विकल्प: Harit Amrit/ट्राइकोडर्मा आधारित उत्पादों का प्रयोग करें।

फसल पकने के बाद तिनके को जलाने की बजाय खेत में मिलाएँ — इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।