
शरदकालीन गन्ने के साथ सरसों की अन्तःवर्ती फसल Publish Date : 16/10/2025
शरदकालीन गन्ने के साथ सरसों की अन्तःवर्ती फसल
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
प्रिय किसान बंधुओं -
आजकल हमारी शरदकालीन गन्ने की बुवाई चल रही है, इस समय के गन्ने के साथ अन्तः फ़सल के रूप में अधिकतर सरसों को ही बोया जाता हैं।
अधिकांश कृषक भाई सरसों को छिटकवां विधि से ही बोते हैं और आपको यह तो विदित होगा ही कि सरसों एक जल्दी जमाव एवं बढ़वार वाली फ़सल होती है।

जल्दी जमाव एवं बढ़वार के कारण सरसों की फ़सल गन्ने के जमाव एवं बढ़वार दोनो को प्रभावित करती हैं, जिसके कारण हमारी शरदकालीन गन्ने की पैदावार भी प्रभावित हो जाती हैं।
अतः आप गन्ने की फसल के साथ सरसों की एक या दो लाइन ही लगाये, ऐसा करने से गन्ने एवं सरसों दोनों की उपज अच्छी होती है।
यदि आप सरसों की बुवाई गन्ने की बुवाई से 8-10 दिन बाद करें तो आने वाले परिणाम आपको अधिक बेहतर मिल सकेंगे।
अभी शरद कालीन गन्ने बुवायी चल रही है। अतः सरसों अन्तर्वृति फसल के रुप मे लेने का भी यह उचित समय है। आज मैं आपको एक बार फिर से यह याद दिलाने के लिए यह पोस्ट कर रहा हूँ। बहुत से किसान भाईयों ने इससे काफी लाभ उठाया है।
इस विधि से गन्ना एवं सरसों दोनो ही फसलें अच्छी होती हैं। अतः आप लोगों से अपील है कि आप लेख में दी गई बातों को एकबार अपनाकर देखिये, आपको अनिवार्य रूप से लाभ होगा।
1. गन्ने की सूखी बुवाई करें और 1.5-2 इंच मिट्टी की परत से बीज को ढक दें।
2. मिट्टी से ढकने के तुरंत बाद ही सिंचाई करें।
3. सरसों की बुवाई पंक्तियों में करें। संकरी कतार की दूरी (2.5 फीट) पर एक पंक्ति और चौड़ी कतार दूरी (4 फीट) पर दो पंक्तियाँ लगाएं।
4. सरसों की बुवाई गन्ने की कतारों के बीच की मेड़ों पर गन्ने की बुवाई के लगभग 15 दिन बाद करें, और प्रत्येक गन्ने की कतार के दोनों ओर लगभग 6 इंच का खाली स्थान अवश्य ही छोड़ें।
5. समतल बुवाई वाले खेतों में गन्ने की नालियों या कतारों के पास उगने वाले अंतरवर्ती पौधों को यथाशीघ्र निकाल दें।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
